मूसहर दुरी डेढ़ फीट
( मूसहर दुरी डेढ़ फीट- धीरेन्द्र पांचाल )
प्रमुख गोत्र.........
भारतीय समाज को चार वर्णों के आधार पर जाना जाता है - ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र । इन सभी वर्णों में कई जातियाँ हैं और सभी जातियों के अपने गोत्र होते हैं इनमे मुसहर समाज के कुछ प्रमुख गोत्र इस प्रकार हैं - सूर्य, काशी, कश्यप, शबरी, पाली, रिखमुन, ऋषिमुनी, दैतेनिया, बालकुमतुनी, वंशघट, दनहरिया, सुरपुरखा, कासमेटा इत्यादि ।
हमारे गोत्र से हमारे पूर्वजों की पहचान होती है की हम किस कुल किस वंश से सम्बन्ध रखते हैं यहाँ गोत्र का एक और मतलब होता है गो यानि गाय की रक्षा करने वाला ।
विदेशी आक्रांताओं के आने के बाद भारतीय समाज में ढेर सारे फेर बदल हुए बहुत सी जातियों को इनके ही जड़ से अलग थलग करके एक अलग शोषित,वंचित, छोटे - बड़े जैसे समूहों में बाँट दिया गया । फुट डालो राज करो वाले सिद्धांत में ये आक्रांता सफल रहे । तमाम जातियों को इनके रूट से अलग करके इनके कर्म के आधार पर इनकी जाति बना दी गई । यहाँ वेद पुराण की बात सब करते हैं लेकिन मानता कोई नहीं यहाँ लोग आपको संवैधानिक आधार पर मिले केटेगरी के हिसाब से ऊंच नीच मानते हैं । लोग यहाँ General, OBC, SC-ST के आधार पर आपके कुल आपकी परंपरा का मूल्यांकन करते हैं । अगर आप General में हैं तो उच्च जाति के हैं, OBC में हैं तो छोटी जाति के हैं और SC-ST में हैं तो आप नीच जाति के हैं । यहाँ धर्म की व्याख्या वेद पुराण के आधार पर होती है और जाति की व्याख्या संवैधानिक आधार पर ।
Comments
Post a Comment