अच्छी बात नहीं
दिल से दिल के तार छुड़ाना अच्छी बात नहीं । सूरज पर प्रतिबन्ध लगाना अच्छी बात नहीं । तुमने चंचल राग सुनाया पर मेरी भी बात सुनो , व्याकुल मन की पीड़ा गाना अच्छी बात नहीं । रेत के टीले लग जाते हैं नदियों के तटबंधों पर , उनको आवारा कह जाना अच्छी बात नहीं । सबके अपने जख्म यहाँ हैं सबकी अपनी यादें , हर मरहम हो घाव दिखाना अच्छी बात नहीं । नदियाँ झरने झील समंदर सबके आदी हो जाना , मयखाने में आना जाना अच्छी बात नहीं । यौवन की मादकता कह लो या दिल का दीवानापन , इतना भी मन को समझाना अच्छी बात नहीं । ~ धीरेन्द्र पांचाल